:
Breaking News

रणविजय साहू का दावा: सीमांचल और पश्चिम बंगाल के हिस्सों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी, कानूनी तौर पर संसद कर सकती है आगे बढ़ावा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना/नई दिल्ली: आरजेडी के प्रधान महासचिव और विधायक रणविजय साहू के बयान के बाद बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। रणविजय साहू ने दावा किया कि सीमांचल इलाके को पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के साथ मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी चल रही है और इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे के दौरान चर्चा हो सकती है।
कानूनी दृष्टि से देखा जाए तो भारत के संविधान का आर्टिकल 3 संसद को नए राज्य बनाने, मौजूदा राज्यों की सीमाओं में बदलाव करने और राज्यों को पुनर्गठित करने का अधिकार देता है। राज्य सरकारों के पास ऐसे प्रस्ताव को रोकने का अधिकार नहीं है। हालांकि, राष्ट्रपति की सिफारिश के बाद संसद प्रस्ताव को संबंधित राज्यों—इस मामले में बिहार और पश्चिम बंगाल—की विधानसभाओं को भेजती है, ताकि वे अपनी राय दे सकें। लेकिन यहां अहम बात यह है कि राज्यों की राय केवल सलाह देने वाली होती है और संसद को इसे मानने की कानूनी बाध्यता नहीं होती।
इस प्रक्रिया में संसद में बिल पारित करने के लिए सिर्फ साधारण बहुमत की जरूरत होती है, न कि संवैधानन संशोधन जैसी विशेष बहुमत की। एक बार संसद द्वारा बिल पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाने के बाद नया राज्य या केंद्र शासित प्रदेश आधिकारिक रूप से स्थापित हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि क्षेत्रीय राजनीतिक मतभेद राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक पुनर्गठन को रोक न पाएं। रणविजय साहू के बयान के बाद सीमांचल और आसपास के इलाकों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और अब यह देखना होगा कि केंद्रीय स्तर पर इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *